याद नही कुछ पर याद जैसा कुछ तो है, दरम्यान तेरे मेरे प्यार कैसा कुछ तो है।

वो मेरे हाल पर रोया भी मुस्कुराया भी, अजीब शख्स है अपना भी है पराया भी.!

मुमकिन नहीं है किसी और से दिल लगना, तुमसे प्यार ही इतनी शिद्दत से करते हैं।।

बे इख्तियार मेरी जिंदगी का तुम्हें इख्तियार दिया था, तुम भूल जाओ मगर मुझे याद है मैंने तुम्हें प्यार किया था.!

जब किसी की रूह में उतर जाता है मोहब्बत का समंदर, तब लोग जिंदा तो होते हैं लेकिन किसी और के अंदर।

इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है… दिन कोई भी हो लेकिन त्यौहार हो जाता है

तेरी खैरियत का ही जिक्र रहता है दुआओं में, मसला सिर्फ मोहब्बत का ही नही फिक्र का भी है.!

अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ, जैसे कोई खूबसूरत जगह हो हसीन शाम के साथ।

जी चाहे कि दुनिया की हर एक फ़िक्र भुला कर, दिल की बातें सुनाऊं तुझे मैं पास बिठाकर।